डेक्सट्रोज क्या है – What is Dextrose in Hindi
डेक्सट्रोज एक शर्करा है, जिसे आमतौर पर स्टार्च के हाइड्रोलिसिस (hydrolysis) द्वारा प्राप्त किया जाता है। यह जलयोजित (hydration) या निर्जलीय (anhydrous) रूप में होता है। डी-ग्लूकोज या डेक्सट्रोज रासायनिक रूप से ग्लूकोज का ही एक आइसोमर (isomer) है।
ग्लूकोज दो अलग-अलग आणविक व्यवस्थाओं (molecular arrangements) को प्रकट करता है, जिन्हें आइसोमर्स (isomers) के रूप में जाना जाता है, जिसका नाम है एल-ग्लूकोज (L-glucose) और डी-ग्लूकोज (D-glucose)। डी-ग्लूकोज को ही डेक्सट्रोज कहा जाता है, तथा यह प्राकृतिक रूप में पाया जाने वाला ग्लूकोज है।
डेक्सट्रोज सेल फ़ंक्शन में ऊर्जा का मुख्य स्रोत है। पौधों में उपस्थित स्टार्च (starch) का एक अणु, हजारों रैखिक ग्लूकोज इकाइयों से मिलकर बना होता है। ग्लूकोज से बना एक अन्य प्रमुख यौगिक सेल्यूलोज (cellulose) है, जो रैखिक होता है। अर्थात स्टार्च और सेल्यूलोज कार्बनिक बहुलक है, जिनकी मोनोमर यूनिट ग्लूकोज है।
डेक्सट्रोज के रासायनिक गुण – Chemical Properties Dextrose in Hindi
1. अन्य नाम – Dextrose other name in Hindi
डेक्सट्रोज को डी-ग्लूकोज, grape sugar, corn sugar इत्यादि नामों से भी जाना जाता है।
2. रासायनिक सूत्र – Dextrose Chemical Formula in Hindi
D-ग्लूकोज (Dextrose) का रासायनिक सूत्र C6H12O6·H2O (D-Glucose monohydrate) होता है।
3. विशिष्ट घूर्णन – D-glucose Specific Rotation in Hindi
डी-ग्लूकोज (Dextrose) के विशिष्ट घूर्णन का मान 52.6 डिग्री और +53.2 डिग्री के बीच होता है।
4. अणुभार – Molecular Weight of Dextrose in Hindi
जलयोजित डेक्सट्रोज का अणुभार (Molecular Weight) 198.17 g/mol, जबकि निर्जलीय डेक्सट्रोज़ (Anhydrous D-Glucose) का अणुभार 180.16 g/mol होता है।
5. आणविक संरचना – D-glucose Molecular Structure in Hindi
डी-ग्लूकोज (Dextrose) की आणविक संरचना में 6 कार्बन परमाणु और एक एल्डिहाइड समूह (-CHO समूह) की उपस्थिति के कारण इसे एल्डोहेक्सोस (aldohexose) भी कहा जाता है। यह दो आइसोमर्स उत्पन्न करता है, अल्फा-डी ग्लूकोज और बीटा-डी ग्लूकोज। दोनों ही आइसोमर्स में केवल एक हाइड्रॉक्सिल समूह भिन्न होता है, जो रिंग प्लेन के ऊपर या नीचे स्थित होता है।
D-ग्लूकोज (Dextrose) अणु एक खुली-श्रृंखला (acyclic) और रिंग (cyclic) संरचना में पाया जा सकता है। जलीय विलयन में दोनों ही रूप संतुलन में होते हैं तथा 7 PH पर डेक्सट्रोज रिंग (cyclic) स्ट्रक्चर में उपस्थित होता है।
6. डी-ग्लूकोज की पहचान – D-glucose Identification in Hindi
5 एमएल डेक्सट्रोज विलयन में गर्म क्षारीय क्यूप्रिक टार्ट्रेट (alkaline cupric tartrate TS) की कुछ बूंदें डालने पर क्यूप्रस ऑक्साइड (cuprous oxide) का एक लाल अवक्षेप प्राप्त होता है।
डेक्सट्रोज का उपयोग – Uses of Dextrose in Hindi
- डी-ग्लूकोज का सबसे अधिक उपयोग भोजन में स्वीटनर के रूप में किया जाता है, और यह खाद्य पदार्थों को एक लम्बे समय तक संरक्षित रखने में मदद कर सकता है।
- इसके अतिरिक्त निर्जलित होने की स्थिति में और रक्त शर्करा कम होने की स्थिति (हाइपोग्लाइसीमिया) में डॉक्टर एक निश्चित सांद्रता वाले डेक्सट्रोज विलयन को शरीर में इंजेक्ट करने की सिफारिश कर सकते हैं।
- डी-ग्लूकोज (Dextrose) का 5% सोलूशन आइसोटोनिक है और इसे परिधीय (peripherally) माध्यम से दिया जाता है। तथा 10% से अधिक डेक्सट्रोज विलयन को केवल केंद्रीय शिरापरक कैथेटर (Central venous catheter) द्वारा दिया जाना चाहिए।
डी ग्लूकोज की चयापचय क्रिया – Metabolic Action of Dextrose in Hindi
डेक्सट्रोज अर्थात डी-ग्लूकोज, चयापचय में सबसे महत्वपूर्ण चीनी है। यह आंत की कोशिकाओं में जल्दी से अवशोषित होती है। यकृत (liver) में, इसे अन्य कार्बोहाइड्रेट से संश्लेषित किया जा सकता है; तथा इसे ग्लाइकोजन के रूप में संग्रहीत किया जाता है। लाल रक्त कोशिकाएं, किडनी मज्जा (kidney marrow) और मस्तिष्क कोशिकाएं ऊर्जा उत्पन्न करने के लिए ग्लूकोज का उपयोग करती हैं।
डी ग्लूकोज के सेवन में सावधानियां – Intake of D glucose Precautions in Hindi
कुछ विभिन्न प्रकार के रोग से पीड़ित व्यक्ति को डेक्सट्रोज अर्थात ग्लूकोज के सेवन में सावधानी रखनी चाहिए, जैसे:
- हाइपोकैलिमिया, या रक्त में कम पोटेशियम स्तर होने की स्थिति में
- हाइपरग्लाइसेमिया, या उच्च रक्त शर्करा की स्थिति में
- हाथ, या पैरों में सूजन की स्थिति में
- पल्मोनरी एडिमा (pulmonary edema) या फेफड़ों में तरल पदार्थ के निर्माण की स्थिति में।
डेक्सट्रोज के दुष्प्रभाव – Side Effects of Dextrose in Hindi
मधुमेह वाले रोगियों को डेक्सट्रोज़ की खुराक देने में सावधानी रखनी चाहिए, क्योंकि इससे पीड़ित व्यक्तियों में रक्त शर्करा का स्तर बहुत अधिक बढ़ सकता है, जिससे हाइपरग्लाइसेमिया नामक स्वास्थ्य समस्या उत्पन्न हो सकती है। डी-ग्लूकोज (Dextrose) की अधिक खुराक सम्बंधित व्यक्ति में निम्न लक्षणों के उत्पन्न होने का कारण बन सकती हैं, जैसे:
- सांस की बदबू
- अधिक प्यास लगना
- रूखी त्वचा
- पेट में खराबी
- थकान महसूस होना
- जी मिचलाना
- सांस लेने में कठिनाई होना
- निर्जलीकरण
- बार-बार पेशाब आना
- उल्टी होना, इत्यादि।
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