अंत:स्रावी ग्रंथि के प्रकार, कार्य और सम्बंधित रोग – Endocrine Glands Types, Work and Disorders in Hindi

शरीर में हार्मोन का उत्पादन करने वाली ग्रंथियों के नेटवर्क को अंतःस्रावी तंत्र (एंडोक्राइन सिस्टम) कहते हैं। अंतः स्रावी ग्रंथियों द्वारा उत्पन्न हार्मोन, शरीर की कोशिकाओं के कार्यों का नियंत्रण और समन्वय करते हैं। यह हार्मोन शरीर की लगभग सभी कोशिका, अंग और फंक्शन के लिए आवश्यक होते हैं। यदि मनुष्य की अंत: स्रावी ग्रंथियां स्वस्थ नहीं है, तो सम्बंधित व्यक्ति में अनेक प्रकार के रोग और समस्याएं उत्पन्न होती हैं। आज के इस लेख में हम सभी प्रमुख अंत:स्रावी ग्रंथि के प्रकार, उनके कार्य और सम्बंधित रोग के बारे में जानेगें।

अंत स्रावी ग्रंथि किसे कहते हैं – What is Endocrine Glands in Hindi 

अंत: स्रावी ग्रंथि एक अंग है, जो हार्मोन का निर्माण करती हैं, जिनका शरीर में एक विशिष्ट कार्य होता है। मनुष्यों में हार्मोन को सीधे रक्त में स्रावित करने वाली नलिकाहीन ग्रंथियां (ductless glands), अंतःस्रावी ग्रंथियां कहलाती हैं। हाइपोथैलेमस और पिट्यूटरी ग्रंथियां न्यूरोएंडोक्राइन अंग (neuroendocrine organs) हैं।

शरीर में उपस्थिति के आधार पर अंतःस्रावी ग्रंथियां निम्न हैं, जैसे:

मस्तिष्क में पाई जाने वाली अंत:स्रावी ग्रंथियां – Endocrine Gland Associated with the Brain in Hindi

  1. हाइपोथैलेमस (hypothalamus)
  2. पिट्यूटरी ग्रंथि (pituitary gland)
  3. पीनियल ग्रंथि(pineal gland)।

गले से सीने तक पाई जाने वाली अंत:स्रावी ग्रंथियां – Endocrine Glands Found from Neck to Chest in Hindi

  1. थायरॉयड (thyroidglands)
  2. पैराथाइराइड ग्रंथियां (parathyroid glands)
  3. थाइमस ग्रंथि।

पेट और इसके नीचे पाई जाने वाली अंत:स्रावी ग्रंथियां – Stomach and Underlying Endocrine Glands in Hindi

  1. एड्रीनल ग्रंथि (adrenal glands)
  2. अग्न्याशय (pancreas)
  3. महिला में अंडाशय या एक पुरुष में वृषण नामक ग्रंथि श्रोणि (pelvic) क्षेत्र में स्थित होती है।

अंत:स्रावी ग्रंथियों से निकलने वाले हार्मोन और कार्य – Endocrine Glands Hormones and Their Functions in Hindi

पिट्यूटरी ग्लैंड या पीयूष ग्रंथि – Pituitary Gland and Hormones in Hindi

पीयूष ग्रंथि को अंत स्रावी तंत्र की मास्टर ग्रंथि (master gland) भी कहा जाता है। यह मस्तिष्क से प्राप्त जानकारी का उपयोग कर शरीर की अन्य ग्रंथियों को नियंत्रित करती है। यह अंत: स्रावी ग्रंथि मटर के दाने के बराबर होती है, इसे हाइपोफाइसिस (hypophysis) भी कहा जाता है। पियूष ग्रंथि वृद्धि हार्मोन के साथ-साथ अन्य महत्वपूर्ण हार्मोन्स का उत्पादन करती है, जिनमें शामिल हैं:

  • प्रोलैक्टिन हार्मोन (prolactin or Lactogrenic hormone)
  • फॉलिकल उत्तेजक हार्मोन (Follicle stimulating hormone)
  • ल्यूटिनाइजिंग हार्मोन (luteinizing hormone)
  • सोमैटोट्रॉपिक या वृद्धि हार्मोन (Somatotropic or Growth hormone)
  • एड्रेनोकॉर्टिकोट्रोपिक हार्मोन (Adrenocorticotropic hormone)
  • थायरोट्रॉपिक (Thyrotropic) या थायराइड स्टिमुलेटिंग हार्मोन (TSH)
  • एन्टिडाययूरेटिक हार्मोन (Antidiuretic hormone)

पिट्यूटरी एंडोक्राइन ग्लैंड के कार्य – Pituitary gland functions in Hindi

  • कोशिका वृद्धि का नियंत्रण करना।
  • प्रोलैक्टिन (prolactin) हार्मोन, स्तनपान कराने वाली माताओं में दूध निर्माण में मदद करता है।
  • ल्यूटिनाइजिंग (luteinizing) हार्मोन, महिलाओं में एस्ट्रोजन और पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन का प्रबंधन करता है।
  • पीयूष ग्रंथि, मिलैनोसाइट प्रेरक हार्मोन के माध्यम से त्वचा रंग को नियंत्रित करती है।
  • थायराइड ग्रन्थि के स्राव का नियंत्रण करता है।
  • नर में शुक्राणुओं के उत्पादन और मादा में अंडाणुओं के निर्माण को उत्तेजित करना।
  • लैंगिक क्रियाशीलता को नियंत्रित करना।

पीयूष ग्रंथि से सम्बंधित रोग – Pituitary gland disorders in Hindi

  • सोमैटोट्रॉपिक या वृद्धि हार्मोन के अधिक स्राव के कारण जाइगैन्टिज्म (Gigantism), एक्रोमिगेली (Acromegaly), कायफोसिस (Kyphosis) रोग तथा इस हार्मोन के कम स्राव के कारण बौनापन (Dwarfism), साइमंड रोग (Simmonds disease) इत्यादि बीमारी उत्पन्न होती हैं।
  • शरीर में एन्टिडाययूरेटिक हार्मोन (Antidiuretic hormone) की कमी के कारण मूत्र में पानी की मात्रा बढ़ जाती है, जिसे Diuresis or diabetes incipidus रोग कहते हैं।

हाइपोथैलेमस – Hypothalamus Glands and Hormones in Hindi

हाइपोथेलेमस मस्तिष्क का एक छोटा सा भाग है, जो पिट्यूटरी ग्रंथि के पास स्थित होता है। हाइपोथैलेमस के द्वारा मुख्य रूप से निम्न हार्मोन का स्राव होता है:

  • थायरोट्रोपिन रिलीजिंग हार्मोन (Thyrotropin releasing hormone)
  • कॉर्टिकोट्रोपिन रिलीजिंग हार्मोन (Corticotropin releasing hormone)
  • गोनाडोट्रोपिन रिलीजिंग हार्मोन (Gonadotropin releasing hormone)
  • सोमेटोस्टैटिन (Somatostatin)।

हाइपोथैलेमस अंत: स्रावी ग्रंथि के कार्य – Hypothalamus functions in Hindi

  • हाइपोथैलेमस अंतःस्रावी तंत्र को तंत्रिका तंत्र से जोड़ता है।
  • यह ग्रंथि भूख एवं प्यास की भावना को प्रेरित करती है तथा शरीर के तापमान को नियंत्रित करती है।
  • यह भावनात्मक क्रियाओं को नियंत्रित करती है।
  • इसका मुख्य काम पिट्यूटरी ग्रंथि को हार्मोन बनाने या रोकने के लिए प्रेरित करती है।

थायराइड ग्रंथि – Thyroid Endocrine Glands and Hormones in Hindi

शरीर में पाई जाने वाली सबसे बड़ी अंत: स्रावी ग्रंथि थायराइड ग्रंथि है। महिलाओं में पुरुषों की अपेक्षा थायराइड ग्रंथि का आकार बड़ा होता है। यह मनुष्य के गले में पाई जाने वाली तितली के आकार की ग्रंथि है, तथा थायराइड हार्मोन का निर्माण करती है। मुख्य रूप से थायराइड ग्रंथि निम्न प्रकार के हार्मोन का निर्माण करती है:

  • थाइरॉक्सिन हार्मोन या T4 (Thyroxine or Tetra-iodothyroxine)
  • ट्राईआयोडो थायरोनिन या T3 (tri-iodothyronine)
  • थायरोकैल्सिटोनिन (Thyrocalcitonine)

थायराइड ग्रंथि के कार्य – Thyroid gland functions in Hindi

  • चयापचय को नियंत्रित करना।
  • वृद्धि और विकास को नियंत्रित करना।
  • रक्त तथा मूत्र में कैल्सियम की मात्रा को नियंत्रित करना।

थायराइड ग्रंथि से सम्बंधित रोग – Thyroid diseases in Hindi

  • हाइपोथायरायडिज्म (Hypothyroidism) – जब थायराइड अंत: स्रावी ग्रंथि पर्याप्त हार्मोन का उत्पादन नहीं करती है, तो यह स्थिति हाइपोथायरायडिज्म या अंडरएक्टिव थायराइड कहलाती है। इस स्थिति में व्यक्ति को मिक्सीडीमा (myxoedema), सामान्य घेंघा (simple goiter), हाशीमोटो (Hashimotos disease) इत्यादि रोग हो सकते हैं।
  • हाइपरथायरायडिज्म (Hyperthyrodism) – जब थायराइड ग्रंथि बहुत अधिक हार्मोन का उत्पादन करती है, तब इस स्थिति को हाइपरथायरायडिज्म या अतिसक्रिय थायरायड कहते हैं। इस स्थिति में व्यक्ति को ग्रेव्स रोग, प्लूमर रोग (Plummers disease), एक्सोफ्थेलमिक गोइटर (Exophthalmic goiter) इत्यादि रोग हो सकते हैं।
  • थायराइड नोड्यूल्स (Thyroid nodules)
  • घेंघा (Goiter)
  • थायरोडिटिस (Thyroiditis) या थायराइड में सूजन
  • थायराइड कैंसर (Thyroid cancer), इत्यादि।

पैराथायरायड ग्रंथि – Parathyroid Glands and Hormones in Hindi

यह ग्रंथियां चावल के दाने के आकार की चार छोटी ग्रंथियां होती हैं, जो गर्दन में थायरॉयड के पीछे स्थित होती हैं। पैराथायरायड अंत:स्रावी ग्रंथियां मुख्य रूप से दो प्रकार के हार्मोन का उत्पादन करती है:

  • पैराथॉर्मोन या पैराथायरिन (Parathormone or parathyrin)
  • कैल्सीटोनिन (Calcitonin) ।

पैराथायरायड अंत:स्रावी ग्रंथियों के कार्य – Parathyroid functions in Hindi

यह हड्डी स्वास्थ्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। पैराथायरायड अंत:स्रावी ग्रंथियां शरीर में कैल्शियम और फास्फोरस के स्तर को नियंत्रित करती है।

पैराथायरायड रोग – Parathyroid diseases in Hindi

जब पैराथायरायड ग्रंथियां सही तरीके से कार्य नहीं करती है, तो सम्बंधित व्यक्ति में निम्न तरह के रोग हो सकते हैं जैसे:

  • हाइपरपैराथायरॉयडिज्म (Hyperparathyroidism)
  • ऑस्टियोपोरोसिस (Osteoporosis)
  • हाइपरकैल्सिमिया (Hypercalcimia)।

अग्न्याशय – Pancreas Endocrine Glands in Hindi

पैंक्रियाज पाचन तंत्र और अंत:स्रावी तंत्र दोनों का हिस्सा है, यह पाचक एंजाइम का निर्माण करता है, जो भोजन का अपघटन करने में मदद करते हैं। अग्न्याशय से स्त्रावित होने वाले हार्मोन्स निम्न हैं:

  • इंसुलिन (insulin)
  • ग्लूकागन (glucagon)
  • सोमेटोस्टैटिन (Somatostatin) ।

अग्न्याशय अंत: स्रावी ग्रंथि के कार्य – Pancreas function in Hindi

  • पैंक्रियाज रक्त में ग्लूकोज की मात्रा को नियंत्रित करता है, इंसुलिन हार्मोन की मदद से रक्त में ग्लूकोज की अधिक मात्रा ग्लाइकोजन (Glycogen) में बदल जाती है।
  • यह वसा और RNA संश्लेषण की क्रिया को प्रेरित करता है।
  • पाचक रस का स्त्राव करता है।

अग्न्याशय से सम्बंधित रोग– Pancreatic diseases in Hindi

  • अग्नाशयशोथ (Pancreatitis)
  • अग्नाशय का कैंसर (Pancreatic Cancer)
  • मधुमेह (डायबिटीज)
  • हाइपोग्लाइसीमिया (Hypoglycemia)।

अधिवृक्क या एड्रिनल ग्रंथि – Adrenal glands and hormones in Hindi

मनुष्यों के शरीर में दोनों किडनी के ऊपर त्रिकोणीय आकार की एक-एक एड्रिनल ग्रंथि पाई जाती है। यह ग्रंथि कुछ स्टेरॉयड हार्मोन के साथ-साथ अन्य हार्मोन का उत्पादन करती है, जिनमें शामिल  हैं:

  • एल्डोस्टेरोन (Aldosterone) हार्मोन
  • कोर्टिसोल (Cortisol) हार्मोन
  • एड्रेनालाईन (adrenaline) हार्मोन
  • नॉरएड्रेनालाईन (noradrenaline) हार्मोन।

एड्रिनल ग्रंथि का कार्य – Adrenal glands function in Hindi

  • एल्डोस्टेरोन (Aldosterone) आपके शरीर में पोटेशियम और सोडियम के संतुलन बनाए रखने से साथ रक्तचाप को नियंत्रित करने में मदद करता है।
  • कोर्टिसोल (Cortisol), एड्रेनालाईन (adrenaline) और नॉरएड्रेनालाईन (noradrenaline) हार्मोन के साथ मिलकर तनाव को नियंत्रित्त करने में मदद करता है।
  • कोर्टिसोल हार्मोन चयापचय और शर्करा के स्तर को  नियंत्रित करने में मदद करता है।

अधिवृक्क या एड्रिनल ग्रंथि रोग – Adrenal disorders in Hindi

  • एडिसन रोग (Addison’s disease) – एड्रिनल ग्रंथियों द्वारा पर्याप्त कोर्टिसोल या एल्डोस्टेरोन हार्मोन का उत्पादन न होना।
  • कुशिंग सिंड्रोम (Cushing’s syndrome) – एड्रिनल ग्रंथियों द्वारा बहुत अधिक मात्रा में कोर्टिसोल का उत्पादन होना।
  • फियोक्रोमोसाइटोमा (Pheochromocytoma) – एड्रिनल ग्रंथियों के मज्जा (medulla) में ट्यूमर का विकास।
  • एड्रिनल कैंसर (Adrenal cancer) – एड्रिनल ग्रंथियों में घातक ट्यूमर का विकास
  • कंजेनिटल एड्रिनल हाइपरप्लासिया (Congenital adrenal hyperplasia (CAH))

इस लेख में आपने प्रमुख अंत: स्रावी ग्रंथि के कार्य और सम्बंधित रोग की जानकारी प्राप्त की। उम्मीद है हमारा लेख आपको अच्छा लगा होगा। इस लेख के सम्बन्ध में आपके जो भी सुझाव हैं, हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। पोस्ट शेयर करें, हमारे facebook page को like करे तथा youtube chenal subscribe करें।

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