जीवाणु अर्थात बैक्टीरिया से होने वाले रोग – Diseases Caused by Bacteria in Hindi

बैक्टीरिया (जीवाणु) एकल-कोशिका वाले प्रोकैरियोट्स (prokaryotes) जीव होते हैं, जो किसी भी वातावरण में पनप सकते हैं। जीवाणु जीव मिट्टीसमुद्र और मानव आंत (human gut) के अंदर रह सकते हैं। इनकी एक सरल आंतरिक संरचना होती है। कुछ बैक्टीरिया मनुष्योंजानवरों या पौधों में बीमारियों का कारण बन सकते हैंलेकिन अधिकांश हानिरहित, उपयोगी और फायदेमंद पारिस्थितिक एजेंट (ecological agents) होते हैं। आज इस आर्टिकल में आप बैक्टीरिया से होने वाले रोग या बीमारी (Diseases Caused by Bacteria in Hindi) के बारे में विस्तार से जानेगें।

जीवाणु (बैक्टीरिया) क्या हैं – What are Bacteria in Hindi

जीवाणु एकल-कोशिकीय सूक्ष्म जीव हैं। इसे पृथ्वी का पहला जीव माना जाता है। बैक्टीरिया अपने भोजन के रूप में अधिकांशतः कार्बनिक और कुछ अकार्बनिक यौगिकों का उपयोग करता है। एक ग्राम मिट्टी में लगभग 40 मिलियन जीवाणु (बैक्टीरिया) होते हैं। तथा ताजे पानी के एक मिलीलीटर में आमतौर पर लगभग एक मिलियन बैक्टीरिया पाए जाते हैं।

बैक्टीरिया मोनेरा जगत का एक समूह है, जो निम्न कार्यों में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है, जैसे: 

  • नाइट्रोजन स्थिरीकरण (nitrogen fixation) में (जैसे: एज़ोटोबैक्टर और राइजोबियम जीवाणु)
  • सेल्युलोज क्षरण (cellulose degradation) में
  • मिट्टी को उपजाऊ बनाने में
  • मृत कार्बनिक पदार्थ को अपघटित करने में
  • कुछ खाद्य पदार्थोंरसायनों और एंटीबायोटिक दवाओं की तैयारी में बैक्टीरिया का व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है।

बैक्टीरिया से होने वाले प्रमुख रोग – Diseases Caused by Bacteria in Hindi

जीवाणु (बैक्टीरिया) विषाक्त पदार्थों को स्रावित या उत्सर्जित कर गंभीर रोग पैदा कर सकते हैं। बैक्टीरिया के कारण उत्पन्न होने वाली गंभीर बीमारियों में निम्न को शामिल किया जाता है:
  • हैजा (cholera)
  • टाइफाइड (Typhoid)
  • डिप्थीरिया (Diphtheria)
  • बैक्टीरियल मैनिंजाइटिस
  • टिटनस (Tetanus)
  • लाइम रोग
  • सूजाक (gonorrhea)  
  • उपदंश (सिफलिस)
  • कोढ़ (Leprosy)
  • प्लेग (Plague)
  • निमोनिया (Pneumonia)
  • टी.बी. (T. B.)
  • खाद्य विषाक्तता (Food Poisoning), इत्यादि।

हैजा – Cholera Bacterial diseases in Hindi

हैजा रोग, विब्रियो कोलेरी (Vibrio cholera) नामक ग्राम-नेगेटिव बैक्टीरिया के कारण उत्पन्न होता है। इस रोग के कारण मुख्य रूप से मनुष्य का पाचन तंत्र प्रभावित होता है। इस बीमारी के कारण उल्टी व दस्तशरीर में ऐंठन एवं डिहाइड्रेशन से सम्बंधित लक्षण उत्पन्न होते हैं।

तपेदिक (टी. बी.) – Tuberculosis Diseases Caused by Bacteria in Hindi

तपेदिक (टी. बी.) फेफड़े को प्रभावित करने वाली एक बीमारी है, जो माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरक्लोसिस (Mycobacterium tuberculosis) बैक्टीरिया (जीवाणु) के कारण उत्पन्न होती है। इस रोग से पीड़ित व्यक्ति में खांसीबुखारछाती में दर्दखांसी के साथ मुँह से रक्त आना इत्यादि प्रमुख लक्षण देखने को मिलते हैं।

निमोनिया – Bacterial Pneumonia Caused by Bacterial infection in Hindi 

निमोनिया का सबसे आम कारण डिप्लोकोकस न्यूमोनी (diplococcus pneumonae) बैक्टीरिया हैं। यह बैक्टीरिया विशेष रूप से स्ट्रेप्टोकोकस (Streptococcus) और माइकोप्लाज्मा (Mycoplasma) की प्रजाति का होता है। निमोनिया रोग मुख्य रूप से फेफड़ों को प्रभावित करता है इस रोग के कारण पीड़ित व्यक्ति की छाती में दर्दसांस लेने में परेशानी इत्यादि लक्षण प्रगट होते हैं।

प्लेग – Plague Diseases Caused by Bacteria in Hindi

प्लेग येर्सिनिया पेस्टिस (Yersinia pestis) नामक जीवाणु के कारण होने वाली बीमारी है। प्लेग में लिम्फ गंथियां प्रभावित होती हैं। इसे ब्लैक डेथ के नाम से जाना जाता है। प्लेग के लक्षणों में सूजन, शरीर में दर्द एवं तेज बुखारआँखों का लाल होना इत्यादि शामिल हैं।

डिप्थीरिया – Diphtheria Caused by Bacterial infection in Hindi

डिप्थीरिया एक संक्रमण रोग है, जो कोरिनेबैक्टीरियम डिप्थेरी (corynebacterium diphtherae) जीवाणु के कारण उत्पन्न होता है। यह रोग पीड़ित व्यक्ति की नाक और गले की श्लेष्म झिल्ली को प्रभावित करता है। डिप्थीरिया रोग की स्थिति में गलशोथ (Unstable angina)गले में खराश, श्वांस लेने में कठिनाई, हार्ट फेलियर, पैरालिसिस इत्यादि लक्षण उत्पन्न होते हैं।

कुष्ठ रोग (हैनसेन रोग) – Leprosy (Hansen’s disease) due to Bacterial infection in Hindi

कुष्ठ रोग (Leprosy) का मुख्य कारण माइक्रोबैक्टीरियम लेप्री (Mycobacterium leprae) नामक जीवाणु होता है। यह रोग तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है। कुष्ठ रोग की स्थिति में त्वचा के घाव, तंत्रिका क्षति, मांसपेशी में कमज़ोरी, हाथ और पैरों में सुन्नता आदि लक्षण देखने को मिलते हैं।

टाइफायड – Typhoid Bacterial diseases in Hindi

टाइफाइड, साल्मोनेला टाइफी (Salmonella typhi) नामक बैक्टीरिया के कारण होने वाला रोग है। इस बीमारी को मोतीझरा, आंत्र ज्वर (enteric fever) या मियादी बुखार के नाम से भी जाना जाता है। साल्मोनेला टाइफी बैक्टीरिया मुख्य रूप से आंत को प्रभावित करता है। टाइफायड रोग के निदान के लिए विडाल टेस्ट (Widal test) उपयोग में लाया जाता है।

टिटनेस – Tetanus Caused by Bacterial infection in Hindi 

क्लोस्ट्रीडियम टिटेनी (clostridium tetani) नामक बैक्टीरिया टिटनेस का कारण बनता है। टिटनेस को लॉकजॉ (lockjaw) के नाम से भी जाना जाता है। यह रोग मुख्य रूप से मेरुरज्जु (Spinal cord) को प्रभावित करता है, जिससे मांसपेशियों में संकुचन सम्बन्धी लक्षण प्रगट होते हैं।

सूजाक – Gonorrhea Bacterial Diseases in Hindi

सूजाक, नीसेरिया गानोरिआ (Neisseria gonorrhoeae) नामक जीवाणु संक्रमण के कारण उत्पन्न होने वाली यौन संचारित बीमारी है। इस रोग से प्रजनन अंग प्रभावित होते हैं। सूजाक से संक्रमित व्यक्ति को मूत्र त्याग में परेशानी, पुरुषों में वृषण दर्द और महिलाओं को निचले पेट में दर्द का अनुभव होता है।

सिफलिस (उपदंश) – Syphilis Diseases Caused by Bacteria in Hindi

सिफलिस रोग का कारण बनने वाले बैक्टीरिया का नाम ट्रेपोनेमा पैलिडम (Treponema pallidum) है। यह रोग प्रजनन अंग को प्रभावित करता है। 

कुकुरखांसी – Whooping cough Caused by Bacterial infection in Hindi

हूपिंग कफएक गंभीर श्वसन संक्रमण है, जिसे पर्टुसिस के नाम से जाना जाता है। यह बीमारी बोर्डेटेला पर्टुसिस (Bordetella pertussis) बैक्टीरिया के कारण उत्पन्न होती है। कुकुरखांसी से प्रभावित होने वाला अंग फेफड़ा है।

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