समय मापने की इकाई जेप्टो सेकंड क्या है? – What is Zeptosecond In Hindi

वर्तमान समय में कम से कम समय मापने की वैश्विक दौड़ लगी हुई है। क्या आपको पता है, अब तक की समय की सबसे छोटी माप क्या है? यदि नहीं तो आज आप इस लेख में कुछ नया सीखेंगे। जेप्टो सेकंड या ज़िप्टो सेकंड, कई लोगों के लिए एक अपरिचित शब्द होगा, हालाँकि यह समय मापने की सबसे छोटी इकाईयों में से एक है। एक Zeptosecond, एक सेकंड के एक अरबवें के खरबवें हिस्से के बराबर होता है। समय मापने की यह छोटी इकाई अल्ट्राफास्ट प्रक्रियाओं और वैज्ञानिक अनुसंधान के क्षेत्र में अत्यधिक महत्व रखती है। इस लेख में आज आप जेप्टो सेकेंड क्या है, जेप्टोसेकंड का मान, महत्व, और संभावित उपयोग के बारे में जानेंगे।

जेप्टोसेकेंड क्या है – What is Zeptosecond In Hindi

ज़िप्टो सेकंड’ (Zeptosecond) समय मापन की सबसे छोटी इकाई में एक है। यह एक सेकंड के एक अरबवें का खरबवां हिस्सा (10-21 सेकंड) है। 1 जेप्टोसेकेंड का सेकंड में मान लिखते समय, एक दशमलव बिंदु के बाद 20 शून्य और 1 होता है, अतः इसे इस तरह लिखते हैं: 0.000000000000000000001 सेकंड।

Zeptosecond (zs) को तब मापा गया था, जब जर्मनी के एक विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक एक फोटॉन द्वारा हाइड्रोजन अणु को पार करने में लगने वाले समय को रिकॉर्ड कर रहे थे। फोटॉन द्वारा हाइड्रोजन अणु को पार करने की पूरी प्रक्रिया में केवल 247 जेप्टो सेकंड का समय लगा था।

जेप्टोसेकंड से भी छोटी समय की इकाई योक्टोसेकंड (yoctosecond), रोंटोसेकंड (rontosecond), क्वेस्टोसेकंड (questosecond) और प्लांक समय (Planck time) है।

(यह भी जानें: प्लांक टाइम: समय मापने की सबसे छोटी इकाई….)

जेप्टोसेकंड का इतिहास – Historical Background of Zeptosecond In Hindi

Zeptosecond की खोज से पहले, 1999 में एक अध्ययन किया गया था, जिसके परिणामस्वरूप फेमटोसेकंड (femtosecond) की खोज हुई थी, जो एक सेकंड के एक क्वाड्रिलियन भाग (10-15 सेकंड) के बराबर है। मिस्र (Egyptian) के वैज्ञानिक अहमद ज़ेवैल (Ahmed Zewail) ने अणुओं द्वारा अपना आकार बदलने की गति को मापते समय, समय की फेमटोसेकंड इकाई की खोज की। उन्हें 1999 नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

फेमटोसेकंड की खोज के बाद जेप्टोसेकेंड की खोज हुई। जेप्टोसेकेंड की अवधारणा किसी एक व्यक्ति की खोज के बजाय वैज्ञानिक समुदाय के भीतर एक सहयोगात्मक प्रयास का प्रतिनिधित्व करती है। यह अल्ट्राफास्ट ऑप्टिक्स और लेजर स्पेक्ट्रोस्कोपी के क्षेत्र में काम करने वाले भौतिकविदों और शोधकर्ताओं के सामूहिक प्रयासों से उभरा।

(ध्यान दें: रासायनिक बंधनों को तोड़ने और बनने में फेमटोसेकंड लगते हैं, लेकिन प्रकाश को एकल हाइड्रोजन अणु (H2) के पार जाने में ज़िप्टोसेकंड लगते हैं। अर्थात ज़िप्टोसेकंड, फेमटोसेकंड से भी छोटी इकाई (time unit) है।)

वैज्ञानिकों ने ज़िप्टोसेकंड को कैसे मापा? – How did scientists measure Zeptosecond in Hindi

वैज्ञानिकों ने एक कण त्वरक मशीन और पेट्रा III नामक एक सुपर-शक्तिशाली लेजर का उपयोग किया।

प्रकाश कण को हाइड्रोजन अणु की इस बहुत छोटी दूरी को पार करने में लगने वाले समय को मापने के लिए, जर्मनी में गोएथे विश्वविद्यालय के भौतिक विज्ञानी रेइनहार्ड डोर्नर (Reinhard Dörner) और उनके सहयोगियों ने हैम्बर्ग (Hamburg) में एक कण त्वरक (DESY) में पेट्रा III लेसर से एक्स-रे को शूट किया।

प्रयोग के दौरान एक्स-रे की ऊर्जा निर्धारित की, ताकि एक फोटॉन या प्रकाश कण, हाइड्रोजन अणु से दो इलेक्ट्रॉनों को बाहर निकाल दे। फोटॉन ने हाइड्रोजन अणु से एक इलेक्ट्रॉन को बाहर उछाल दिया, और फिर दूसरे को। जिससे एक तरंग पैटर्न प्राप्त हुआ, जिसे वैज्ञानिक कोल्ड टारगेट रिकॉइल आयन मोमेंटम स्पेक्ट्रोस्कोपी (COLTRIMS) माइक्रोस्कोप का उपयोग करके मापने में सक्षम थे। पूरी प्रक्रिया में लगभग 247 ज़ेप्टोसेकेंड लगे, जो कि सफलतापूर्वक रिकॉर्ड किया गया सबसे कम समय था।

(ध्यान दें: कोल्ड टारगेट रिकॉइल आयन मोमेंटम स्पेक्ट्रोस्कोपी (COLTRIMS) उपकरण एक बहुत ही संवेदनशील कण डिटेक्टर है, जो बेहद तेज़ परमाणु और आणविक प्रतिक्रियाओं को रिकॉर्ड कर सकता है।

जेप्टोसेकंड का महत्त्व – Importance of Zeptosecond in Hindi

Zeptosecond समय का एक असाधारण, बहुत छोटा अंतराल है, जिसका उपयोग अक्सर आधुनिक भौतिकी (modern physics) और क्वांटम यांत्रिकी (quantum mechanics) के संदर्भ में उन प्रक्रियाओं का वर्णन करने के लिए किया जाता है, जो अत्यंत तीव्र गति से होती हैं, जैसे कि परमाणुओं के भीतर इलेक्ट्रॉनों की गति या उप-परमाणु कणों की परस्पर क्रिया। क्वांटम स्तर पर ब्रह्मांड के मूलभूत पहलुओं को समझने के लिए इतने कम समय के पैमाने पर घटनाओं का अध्ययन महत्वपूर्ण है।

जेप्टो सेकंड से छोटी टाइम यूनिट – What is smaller than a Zeptosecond in Hindi

वर्तमान में जेप्टोसेकेंड से भी छोटी टाइम यूनिट्स (समय की इकाइयों) की खोज की जा चुकी है, जो इस प्रकार हैं:

योक्टोसेकंड (ys) – Yoctosecond in Hindi

एक योक्टोसेकंड (ys) एक सेकंड का सेप्टिलियनवाँ (septillionth) भाग या 1 x 10-24 सेकंड है। एक योक्टोसेकंड, प्रकाश को एक परमाणु नाभिक को पार करने में लगने वाले समय बराबर है। शोधकर्ताओं का कहना है कि योक्टोसेकंड पल्स का उपयोग नाभिक के अंदर होने वाली अल्ट्राफास्ट प्रक्रियाओं का अध्ययन करने के लिए किया जा सकता है। “योक्टोसेकंड” शब्द का पहली बार प्रयोग 1996 में हुआ था।

रोंटोसेकंड – Rontosecond in Hindi

एक रोंटोसेकंड 1027 सेकंड के बराबर होता है। इसे एक्सोनोसेकंड (xonosecond) के नाम से भी जाना जाता है।

प्लांक समय (tP) – Planck time in Hindi

समय की सबसे छोटी ज्ञात इकाई प्लांक समय (10-43 सेकंड) है। यह वह समय, जो प्रकाश को प्लैंक दूरी (लगभग 1.616255×1035 मीटर) को पार करने में लगता है।

समय मापने की सबसे छोटी इकाइयों की लिस्ट  – List of Smallest Units of Time Measurement in Hindi

समय मापने की सबसे छोटी इकाई से शुरू कर बढ़ते क्रम में smallest time measurement unit की लिस्ट निम्न हैं:

  • प्लांक समय (tP): 1 x 10-43 सेकंड
  • क्वेक्टोसेकंड (Quectosecond): 1 x 10-30 सेकंड
  • रोंटोसेकंड (rontosecond): 1 x 1027 सेकंड
  • योक्टोसेकंड (Yoctosecond): 1 x 10-24 सेकंड
  • जेप्टोसेकेंड (Zeptosecond): 1 x 10-21 सेकंड
  • एटोसेकंड (Attosecond): 1 x 10-18 सेकंड
  • फेमटोसेकंड (Femtosecond): 1 x 10-15 सेकंड
  • पिकोसेकंड = 1 x 10-12 सेकंड
  • नैनोसेकंड = 1 x 10-9 या 000000001 सेकंड
  • माइक्रोसेकंड = 1 x 10-6 या 000001 सेकंड
  • मिलीसेकंड = 1 x 10−3 या 0.001 सेकंड

FAQs

Q1. जेप्टो सेकंड से छोटा क्या है – What is smaller than a zeptosecond in Hindi

उत्तर: ज़िप्टो सेकंड अर्थात जेप्टो सेकंड से भी छोटी समय की इकाई योक्टोसेकंड (yoctosecond), रोंटोसेकंड (rontosecond), क्वेस्टोसेकंड (questosecond) और प्लांक समय (Planck time) है।

Q.2 एक सेकंड में कितने जेप्टोसेकंड होते हैं – How many zeptoseconds are in a second in Hindi

उत्तर: एक सेकंड में 1021 जेप्टोसेकंड होते हैं। अर्थात एक सेकंड के एक अरबवें का खरबवां हिस्सा जेप्टो सेकंड है।

जेप्टो सेकंड = 1 x 10-21 सेकंड या 1 सेकंड = 1021 जेप्टो सेकंड।

(यह भी जानें: पदार्थ की प्लाज्मा अवस्था क्या है, चौथी अवस्था…)

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